आयुर्वेद आज के जलते प्रश्न व उनके सच्चे जवाब

डाक्टर तरूण भारती से

Ayurvedacharya, Panchkarma Specialist, Dip in sexual medicine and counselling, Trained in Traditional chinese Medicine. 20 years of Experience in Ayurveda. Blogger, Trainer. Manufacturer

एक साक्षात्कार

प्रश्न: आयुर्वेद में किस प्रकार के रोगों कि चिकित्सा की जाती है?

उत्तरः सबसे अहम है रोग का सही निदान यदि कारण सही पकड़ा जायेगा तभी तो उसका उपचार होगा। 3 मुख्य दोष वात, पित्त व कफ का सही ज्ञान व बढ़े दोषों का सही निवारण ही असली चाबी है. इलाज की।

प्रश्न: क्या आयुर्वेदिक चिकित्सा बहुत लंबे समय चलती है?

उत्तरः जी नहीं जैसा रोग वैसी चिकित्सा, मार्डन मेडिस्न में भी तो ऐसा ही है ना कि टि बी के रोगी को 6 से 9 महीने, मिर्गी वाले को 3 से 5 वर्ष, बी पी व शुगर के रोगी तो दवा सारी उमर ही खाते रहते हैं। एसिडिटि के मरीज़, जोडों के मरीज़, टेंशन के मरीज़ सारी उमर दवा खाते ही रहते हैं। आयुर्वेद में दोष को ध्यान में रखकर चिकित्सा की जाती है तथा दवा कुदरती हब्र्स से बनाई जाती है जो कि साइड ऐफेक्ट रहीत है व रोग को जड़ से हटाने में सक्षम है। जितना जलदी आप इलाज के लिए जायेंगे उतना ही दोष कम बढ़ेगा व उतना ही जल्दी चिकित्सा संभव हो पाएगी।

प्रश्न: क्या आयुर्वेदिक चिकित्सा मंहगी है?

उत्तरः जी नहीं हमारे क्लीनिक पर रोगी से कोइ भी देखने की फिस नहीं ली जाती केवल दवा का ही पैसा लिया जाता है। वो भी इतना ही जिसे कोइ भी व्यक्ति आराम से दे सकता है।

प्रश्न: क्या आयुर्वेदिक चिकित्सा में चूर्ण व काढ़े इत्यादि लेने पड़ते हैं?

उत्तरः जी नहीं बदलते समय के साथ आयुर्वेद भी बदल रहा है। पिछले करीब 10 वषों से वेदिक स्कवॉयर में हम लेटेस्ट टेक्नोलोजी की मदद से निकाले हब्र्स के एक्सट्रैक्ट जो की किसी भी औषधि को घनीभूत कर उसका निचोड़ निकाल लेते हैं उसको इस्तेमाल कर कैपसूल टैबलेट व सीरप इत्यादि का निर्माण कर रहे हैं इस तरह वो लेने में आसान तो हैं ही और शीघ्र ही लाभ भी करते हैं।

 प्रश्न: आज के परीपेक्ष में आप आयुर्वेद को कहां खड़ा देखते हैं?

उत्तरः आयुर्वेद संसार की प्राचिनतम चिकित्सा पद्दती है जिसका उदगम स्थल भारत है तथा जो कि बदलते समय के साथ प्रमाणिक रूप से अपनी गुणवता व सांइटिफिक एप्रोच को सिद्व करने में सक्षम सबित हुई है। आयुर्वेद में जिस प्रकार रोग के निदान व चिकित्सा का वर्णन आता है व जिस प्रकार कि औषधियंो का विस्तार है वह पश्चिम जगत को लगातार अपनी और आकर्षित कर रहा है व यूरोप व अमेरिका जैसे देशों में आयुर्वेद का लगातार करोडं.ो व अरबों रूपये का कारोबार हो रहा है क्यिोंकि वो लोग समझ चुके हैं कि मार्डन मेडिस्न तो केवल लक्षणों कि चिकित्सा करती है परंतु आयुर्वेद चिकित्सा जड़ से रोग को निकालने में सक्षम है वो भी बिना किसी साइड ऐफेक्टस के। अब ये हमारा दुर्भागय ही कहीये या अग्रेंज़ो की गुलाम मानसिकता जो हम आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यात में चीन से बहुत पीछे हैं जो कि आज की तारीख में आयुर्वेदिक हब्र्स का सबसे बड़ा निर्यातक है।

प्रश्न: आप आयुर्वेद के क्षेत्र में वेदिक स्कवायर की भूमिका किस प्रकार देखते हैं?

उत्तरः हम वेदिक स्कवॉयर में आयुर्वेद चिकित्सा द्धारा सफलता के नये मुकाम हासिल कर रहे हैं। रोग का सही निदान व रोगीयों उचित मार्गदर्शन ही हमारा ध्येय रहता है।

हम लगातार इस बात का ध्यान रखते हैं कि आयुर्वेद में जिस भी औषधि का वर्णन आता है उसके निर्माण में लेटेस्ट टेक्नोलोजी का इस्तेमाल कर औषधि के गुणों को किस प्रकार बढ़ाया जाए व उसे लेना आसान हो। हमारी इस कोशिश में हब्र्ल शेकस जैसे प्रोडक्टस आते हैं जो कि पूरी तरह से पानी या दूध में घुलनशील हैं व लेने में आसान हैं। आप इन शेक्स को अपनी रोज़ मर्रा की खुराक के हिस्से की तरह ले सकते हैं। फिर वो चाहे अश्वगंधा हो या शिलाजित त्रिफला हो या गिलोय हमने इन ओषधियों का सार निकाल कर घुलनशील व स्वादिष्ट बना दिया है जो कि शरीर को डिटाक्सीफाइ तो करती ही हैं तथा न्यूट्रिशन भी देती हैं।

प्रश्न: क्या वेदिक स्कवॉयर में रोगी को दाखिल किया जाता है और दूर बेठै रोगी किस प्रकार अपनी चिकित्सा करवा सकते हैं?

उत्तरः जी नहीं हमारे यहाँ पर किसी भी रोगी को दाखील नहीं किया जाता। दूर बेठै रोगी फोन पे संपर्क कर घर बेठै दवा मग्ा सकते हैं।

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